गढ़चिरौली:गढ़चिरौली जिला प्रशासन और आरोग्य विभाग में चल रही लापरवाही का सिलसिला करीब 6 लोगों की मलेरिया से हुई मौत का कारण बन गया है ।
राज्य सरकार ने कुछ दिनों पहले करीब 14 सामाजिक संस्था ओर कंपनियों को मिलाकर एक टास्कफोर्स का गठन किया जिसमे पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त मशहूर समाजसेवक डॉक्टर अभय बंग को अध्यक्ष नियुक्त किया गया और इस टास्कफोर्स को मलेरिया के रोकथाम को लेकर सभी कामकाज के लिए सालाना 25 करोड़ रुपया देना तय किया गया हैं। राज्य सरकार द्वारा इतना बड़ी मात्रा मे पैसा खर्चा करने के बावजूद मलेरिया का संक्रमण तथा उससे हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
जिला प्रशासन और आरोग्य विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलने के लिए गढ़चिरौली जिला कांग्रेस के द्वारा जिला शल्य चिकित्सक और आरोग्य अधिकारी के ऑफिस में आज थाली बजाकर आंदोलन किया जा रहा हैं, जिसमें सरकारी लापरवाही से हो रही मौतों को रोकने की मांग कांग्रेस पार्टी द्वारा की जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा टास्कफोर्स का गठन करके साथ 25 करोड़ सालाना खर्चा करने के बाद भी लोगों की जान बचाई न जाने वाली बात पर भाजपा सरकार की अकार्यक्षमता को थाली,ताली बजाओ आंदोलन के द्वारा उजागर करने की जानकारी कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष महेंद्र ब्राह्मणवाडे ने दी है।
डॉक्टर अभय बंग ने पत्रकारोंको उल्लू बनाया….
मलेरिया की रोकथाम करने के लिए बनाई गई टास्कफोर्स की मीटिंग टास्कफोर्स के अध्यक्ष डॉक्टर अभय बंग की उपस्थिति में 2 जुलाई को की गई थी, जो करीब 4 घंटे तक चली। इस मीटिंग की समाप्ति के पश्चात कुछ पत्रकारों ने मलेरिया के रोकथाम को लेकर हो रहे कार्य की जानकारी डॉक्टर अभय बंग से पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं शुगर का पेशंट होने के कारण अभी अभी मैने इन्सुलिन ली है बस थोड़ा सा भोजन करने के बाद आपको पूरी जानकारी दे सकता हूं जिस पर पत्रकारों को विश्वास हो गया था, लेकिन करीब एक घंटे तक राह देखने पर भी डॉक्टर अभय बंग के नहीं लौटने पर, उन्होंने पत्रकारों के चुभते सवालों से बचने के लिए जानबूझकर शुगर का बहाना बनाने की चर्चा आरोग्य विभाग में होती दिखाई दे रही थी।




